Motivational Stories

Lakdi Ka Katora

by HindiMein.com on January 25, 2015

in Motivational Stories

एक बूढ़ा आदमी अपने बेटे जिसका नाम राहुल था, के घर रहने गया जो कि शहर में था | उम्र के इस दौर में वह बहुत ही ज्यादा कमजोर हो चुका था | उसे कम दिखाई देता था और उसके हाथ-पैर भी काँपते थे | उसका बेटा और बहु एक छोटे से घर में रहते थे | उस बूढ़े का पूरा परिवार और उसका पांच साल का पोता सोनू एक साथ डिनर टेबल पर खाना खाते थे, लेकिन वृद्ध होने के कारण उस व्यक्ति को खाना खाने में बहुत परेशानी होती थी | कभी मटर के दाने उसकी चम्मच से निकल कर जमीन पर गिर जाते तो कभी हाथ से पानी छलक कर मेज के कपडे पर गिर जाता था |

राहुल और उसकी पत्नी पहले तो कुछ दिन तक यह सब बर्दाश्त करते रहे पर अब उन्हें अपने पिता की इस कमजोरी से चिढ़ होने लगी | ” हमें पिताजी का कुछ करना पड़ेगा ” राहुल ने अपनी पत्नी से कहा | पत्नी ने भी उसकी हाँ में हाँ मिलाई और बोली – ” आखिर कब तक हम इनकी वजह से अपने खाने का मजा किरकिरा करते रहेंगे? हम इस तरह अपनी चीजों का नुक्सान होते हुए भी नहीं देख सकते ” |

अगले दिन जब खाना खाने का समय हुआ तो बेटे ने अपने पिता की खाने के लिए एक पुरानी मेज को कमरे के एक कोने में लगा दिया | अब उसके पिता वहीं अकेले बैठ कर अपना भोजन करते थे | यहाँ तक की उनके खाने के बर्तनों की जगह एक लकड़ी का कटोरा दे दिया गया था ताकि वो अब और बर्तन ना तोड़ सकें | घर के बाकी लोग पहले की ही तरह आराम से डिनर टेबल पर बैठ कर खाना खाते थे | वो अगर कभी -कभार उस बुजुर्ग की तरफ देखते तो उनकी आँखों में आंसू ही दिखाई देते थे | यह देखकर भी बहु-बेटे का मन नहीं पिघलता था | वो उनकी छोटी से छोटी गलती पर भी काफी डांट देते | उस बूढ़े आदमी का पोता सोनू वहां यह सब बड़े ध्यान से देखता रहता और अपने में मस्त रहता था |

एक रात खाना खाने से पहले सोनू को उसके माता -पिता ने ज़मीन पर बैठ कर कुछ करते हुए देखा | ” तुम क्या कर रहे हो ? ” राहुल ने पूछा | ” मैं आप लोगों के लिए एक लकड़ी का कटोरा बना रहा हूँ , ताकि जब मैं बड़ा हो जाऊं तो आप लोग भी इसमें खा सकें ” सोनू ने भोलेपन से जवाब दिया और फिर दोबारा अपने काम में लग गया |

इस बात का उसके माँ-बाप पर बहुत गहरा असर हुआ | उनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल सका और उनकी आँखों से आँसूं बहने लगे | उन दोनों को समझ आ चूका था कि अब उनको क्या करना है | उसी दिन से वो अपने बूढ़े पिता को वापस डिनर टेबल पर ले आए और उनके साथ फिर दोबारा कोई गलत व्यवहार नहीं किया |

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