कब्ज का इलाज

कब्ज (Constipation) से मुक्ति पाने के नियम :-

  • बेल का चूर्ण एक-एक चम्मच सुबह एवं शाम को भोजन करने के बाद खायें |
  • रात को चुकंदर (बीट) की सब्जी का खाने में प्रयोग करें |
  • रात को दूध में 8 से 10 मुनक्के डालकर उबालें और बीज निकाल कर खा लें |

अन्य उपाय :-

  1. सुबह उठकर खाली पेट बासे मुँह दो गिलास तांबे के बर्तन में रखा पानी पीयें ।
  2. रात में आधी चम्मच अजवाईन गुड़ के साथ खायें और ऊपर से गुनगुना दूध पी लें ।
  3. रात को एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ सोने से पहले पीलें |
  4. एरण्ड तेल में 2-4 छोटी काली हरड़ सेंककर सुबह खाली पेट खायें |
  5. दही के ऊपर का तैरता हुआ पानी सुबह-सुबह पीयें |

इस्तेमाल करने योग्य नियम :-

  1. अधिक से अधिक पपीता खाएं या पत्तगोभी की सब्जी का इस्तेमाल करें |
  2. अरहर और मूंग की दाल का अधिक से अधिक सेवन करें |
  3. टिण्डा और तोरइ का खायें, दोपहर के खाने के बाद छाछ या लस्सी पीयें |
  4. शाम के भोजन में चावल और मूंग की खिचड़ी में देशी गाय का घी मिलाकर खायें |
  5. अधिक से अधिक गाजर, खीरा, मूली, टमाटर और ककड़ी, की सलाद का सेवन करें |
  6. रात को दूध मे गुलकन्द मिलाकर ले |
  7. भोजन के बाद वज्रासन अवस्था में 10 मिनट तक अवश्य बैठें |
  8. जौं, मोटा अनाज, पुराना चावल, गर्म पानी पीना, पानी अधिक पीना, इत्यादि |

ना करें :-

  1. मल के वेग को रोकना |
  2. फ्रिज का ठण्डा पानी पीना |
  3. तेज मसालेदार और चटपटा भोजन खाना |
  4. ठण्डी चीज़ों का सेवन करना जैसे केला, चावल, आलू, कंद इत्यादि |
  5. सभी बासी और मैदे के सामान से वस्तुएं खाना, पिठ्ठी के पदार्थ इत्यादि |

कब्ज को दूर रखने के लिये आवश्यक और आसान नियम : –

पानी पीने के सही नियम :

  • सुबह-सुबह उठकर बिना मंजन या कुल्ला किये बासे मुँह दो गिलास गुनगुना पानी अवश्य पीयें|
  • पानी को हमेशा बैठकर और घूँट-घूँट कर ही पीयें |
  • भोजन करते समय अगर प्यार लगे तो एक घूँट से अधिक पानी कदापि ना पीयें, भोजन समाप्त होने के कम से कम डेढ़ घण्टे बाद ही पानी पियें और जरूर पीयें |
  • हमेशा गुनगुना या सादा ही पीयें | फ्रिज का या ठन्डे पानी का इस्तेमाल कभी भी ना करें |

भोजन करने के आवश्यक और आसान नियम :-

  • सूर्योदय होने के पश्चात दो घंटे के भीतर सुबह का भोजन और सूर्यास्त होने के एक घंटे पहले का भोजन जरूर कर लें |
  • यदि दोपहर को भूख लगे तो 12 बजे से 2 बजे के बीच में अल्पाहार लें, उदाहरण के तौर पर – मूंग की खिचड़ी, सलाद, फल और छाछ |
  • सुबह के नाश्ते में दही व फल एवं दोपहर के भोजन में छाछ और सूर्यास्त के बाद दूध का सेवन बहुत फायदेमंद होता है |
  • भोजन को अच्छी तरह चबा-चबाकर ही खाना चाहिए | दिन में 3 से अधिक बार खाना ना खायें ।

अन्य आवश्यक नियम :-

  1. मिट्टी के बर्तन अथवा हाँडी मे बनाया गया भोजन स्वास्थय के के लिये सबसे अच्छा है |
  2. भोजन पकाने के लिए केवल मूंगफली, तिल, सरसो या नारियल के घानी वाले तेल का ही प्रयोग करें |
  3. चीनी अथवा शक्कर का प्रयोग कभी भी ना करें, इनकी जगह गुड़ या धागे वाली मिश्री (खड़ी शक्कर) का ही इस्तेमाल करें |
  4. भोजन पकाते वक़्त केवल सेंधा नमक या ढेले वाले नमक का ही इस्तेमाल करें |
  5. मैदे का प्रयोग शरीर को नुक्सान पहुँचाता है इसलिए इसका इस्तेमाल ना करें |

स्रौत:- www.rajivdixit.net

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