Hospital Ke ICU Mein Maut Kaise Hoti Thi?

दिल्ली के एक बहुत बड़े सरकारी अस्पताल के आई. सी .यू. में प्रत्येक बुधवार को एक ही बिस्तर पर ठीक सुबह के 9 बजे किसी एक मरीज की मौत हो रही थी |
उस बिस्तर पर जिस भी किसी मरीज को लेटाया जाता था, वह बुधवार को ठीक सुबह 9 बजे मर जाता था |
हर बुधवार उसी बिस्तर पर ठीक उसी समय हो रही मौत का राज डॉक्टरों को समझ में नहीं आ पा रहा था |
आखिर में सभी डॉक्टर यह मानने को मजबूर हो गए कि ज़रूर यह किसी भूत प्रेत या चुड़ैल के साये के कारण हो रहा है |
मौत की वजह का पता लगाने के लिए दुनिया भर के डॉक्टरों की एक टीम का निर्माण किया गया |
डॉक्टरों की टीम अगले बुधवार का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी |
अगले बुधवार सुबह 9 बजे से कुछ मिनट पहले ही सारे डॉक्टर और नर्स उस बिस्तर के चारों ओर खड़े हो गए |
सब के सब मौत का कारण जानने के लिए बहुत उतावले थे |
भूत-प्रेत का खौफ उनके चेहरे पर साफ़-साफ़ दिखाई दे रहा था |
किसी होने वाली अनजान घटना की आशंका से उन सब की बोलती बंद हो गई थी |
9 बजने ही वाले थे कि तभी अचानक
आई. सी. यू. के दरवाजे के हैंडल के खड़कने की आवाज हुई |
सबकी जान तो मानो जैसे गले में ही अटक गई थी |
चरमराहट की आवाज के साथ आई. सी .यू. का दरवाजा खुला |
सभी लोगों के शरीर पसीने से तर-बतर हो चुके थे |
दरवाजे के अंदर एक सफ़ेद साड़ी पहनी महिला ने प्रवेश किया |.
सभी देखने वालों के गले के नीचे थूक तक नहीं उतर पा रहा था |
और वह पार्ट टाइम सफाई करने वाली औरत आई. सी. यू. में दाखिल होती है और उस बेड के लाइफ सपोर्ट सिस्टम का
प्लग हटाकर अपना मोबाइल फ़ोन को चार्ज पे लगा देती है !!

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